धरातल पर बदलाव

सच्ची कहानियाँ जो बदलाव लाती हैं

दर्प केतन समाज सेवा समिति के माध्यम से गाँव के बच्चों, बेसहारा गौवंश और पर्यावरण में आए वास्तविक सुधारों की यात्रा।

Close-up of a healthy, calm Indian cow in a clean, sunlit wooden shelter, being gently patted by a volunteer, warm 35mm documentary style.
Close-up of a healthy, calm Indian cow in a clean, sunlit wooden shelter, being gently patted by a volunteer, warm 35mm documentary style.
A young Indian village boy smiling brightly, holding an open textbook in a sunlit classroom, warm natural golden hour light, candid portrait.
A young Indian village boy smiling brightly, holding an open textbook in a sunlit classroom, warm natural golden hour light, candid portrait.
Hands of volunteers planting a fresh green sapling in rich brown soil, rural Uttar Pradesh background with soft-focus fields, warm midday sun.
Hands of volunteers planting a fresh green sapling in rich brown soil, rural Uttar Pradesh background with soft-focus fields, warm midday sun.
+ बदलाव के साक्षी

जमीनी स्तर का परिवर्तन

यहाँ प्रस्तुत प्रत्येक कहानी हमारे समर्पित स्वयंसेवकों के कठिन परिश्रम और आपके अमूल्य सहयोग का प्रत्यक्ष एवं जीवंत प्रमाण है।

गौरी को मिला जीवनदान

सूरज की नई उड़ान

बंजर भूमि पर हरियाली

सड़क पर घायल अवस्था में मिली गौरी को हमारी गौशाला में लाकर उचित उपचार और स्नेह दिया गया। आज वह पूर्णतः स्वस्थ और सुरक्षित है।

मजदूर के बेटे सूरज को समिति की निःशुल्क पाठशाला में प्रवेश मिला। अब वह पढ़ना सीख चुका है और डॉक्टर बनने का सपना देख रहा है।

शिकोहाबाद के शुष्क क्षेत्रों में हमारे स्वयंसेवकों ने ५०० से अधिक छायादार पौधे रोपे। आज वे पौधे बड़े होकर ग्रामीणों को शुद्ध हवा दे रहे हैं।

शुभचिंतकों के विचार

समाज का विश्वास

दर्प केतन समिति ने हमारे गाँव के बेसहारा पशुओं के लिए जो गौ सेवा शुरू की है, वह प्रशंसनीय है। अब सड़कों पर दुर्घटनाएं भी कम हुई हैं।

रामपाल सिंह, ग्राम प्रधान

निःशुल्क शिक्षा शिविर के कारण मेरे बच्चों को पढ़ाई का अवसर मिला। समिति के स्वयंसेवक अत्यंत समर्पित और संवेदनशील हैं।

कमलेश देवी, ग्रामीण माता

पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में इनका कार्य सराहनीय है। प्रत्येक पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी स्वयंसेवक स्वयं लेते हैं।

डॉ. अनिल शर्मा, पर्यावरणविद

सेवा आंदोलन का हिस्सा बनें

आपका एक छोटा सा प्रयास किसी बेसहारा जीव को जीवनदान दे सकता है या किसी बच्चे का भविष्य संवार सकता है। आज ही सहयोग करें।